ज्ञान गंगा की अमोघ चुस्की

इस बजट की अनबुझी पहेलियां,क्या आप भी जानते हैं !!

बजट की अनबुझी पहेलियां

जैसा की आप सभी परिचित हैं कि बजट 2020 पेश हो ही गया है,लेकिन आज हम आपको बजट में क्या मिला,क्या नहीं मिला इसके बारे में नहीं बताने जा रहे है दरअसल हम आपको कुछ ऐसे बजट से जुड़े हुए तथ्य बताने जा रहे हैं जिन्हें शायद ही आप जानते होगे –

बजट का इतिहास तकरीबन 150 साल पुराना है. भारतीय इतिहास में बजट से जुड़ी कई ऐसी घटनाएं हैं, जिनके बारे आम जनता ज्यादा नहीं जानती है. आइए डालते हैं इन्हीं तथ्यों पर एक नजर…

*जेम्स विल्सन ने पेश किया बजट*

जेम्स विल्सन को भारतीय बजट का संस्थापक भी कहते हैं. भारत में पहला बजट 18 फरवरी 1860 को वायसराय की परिषद में जेम्स विल्सन ने ही पेश किया था. यह उन दिनों की बात है जब भारत एक गुलाम देश था. हालांकि इस वजह से त बजट के दौरान भारतीयों को बोलने तक का अधिकार नहीं था.

*स्वतंत्र भारत का पहला बजट*
स्वतंत्र भारत का पहला बजट तत्कालीन वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी ने नवंबर 26 नवंबर 1947 में पेश किया था. इसमें भारतीय अर्थव्यवस्था की समीक्षा की गई थी और कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया था.

*बजट पेश न करने वाले वित्त मंत्री*

के.सी. नेगी भारत के ऐसे वित्त मंत्री थे जिन्होंने बजट नहीं पेश किया था. वे केवल 35 दिनों तक वित्त मंत्री रहे.

*RBI के गवर्नर बने वित्त मंत्री*
सी.डी. देशमुख भारत के पहले ऐसे वित्त मंत्री थे, जो मंत्री बनने से पहले रिजर्व बैंक के गवर्नर भी रह चुके थे. बता दें वह रिजर्व बैंक के पहले गवर्नर थे.

*पीएम पद पर रहते हुए पेश किया बजट*

देश के इतिहास में कई पूर्व प्रधान‍मंत्रियों ने पीएम पद पर रहते हुए भी वित मंत्री का अतिरिक्त कार्यभार संभालते हुए संसद में बजट को पेश किया. इनमें पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी शामिल हैं.

*महिलाओं में अब तक इन्दिरा गांधी पहली वित्त मंत्री*

संसद में बजट प्रस्तुत करने वाली एकमात्र महिला इन्दिरा गांधी हैं, जिन्होंने 1970 में आपातकाल के दौरान संसद में बजट पेश किया था.

*सात दिन कड़ी निगरानी में रहते हैं अधिकारी*

बजट पेश किए जाने से सात दिन पहले वित्त मंत्रालय के बजट से जुड़े अधिकारी, विशेषज्ञ, प्रिंटिंग का काम करने वाले तथा अन्य संबंधी लोग दुनिया से अलग होकर नॉर्थ ब्लॉक स्थित वित्त मंत्रालय के भूतल में स्थित कक्ष में रहकर बजट को अंतिम रूप देते हैं. इस दौरान इन लोगों पर नजर रखने के लिए खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों का दल इनकी आवाजाही पर नजर रखता है.

अब तो आप समझ ही गए होंगे,की इस बजट के बक्से में बहुत कुछ है जिन्हे आप जानते नहीं..अगर और भी कुछ जानना है तो पढ़ते रहिए ज्ञान चुस्की…

 

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