ज्ञान गंगा की अमोघ चुस्की

कई बार बोर्ड परीक्षाओं में फेल होने के बाद भी इतिहास में दर्ज़ है इनके नाम कौन हैं वो हस्तियां जानें..

 

जैसे-जैसे बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक आती है बच्चों पर एक मानसिक दबाव देखने को मिलता है जोकि इस कंपोटिशन के दौर में लाजमी है। दौड़ में सबसे आगे निकलने की कोशिश साल के शुरआत होते ही शुरू हो जाती है लेकिन फाइनल राउंड तक पहुंचते-पहुंचते बच्चों में परीक्षाओं को लेकर एक अलग ही डर देखने को मिलता है ऐसे में वह हर मुमकिन कोशिश में लग जाते हैं ताकि उन्हें 90प्लस मिल सके 90 प्लस स्कोर में उनके टीचर्स से लेकर उनके पैरंट्स भी उनको एक चक्रव्यू में बांध देते है।

इसी सिलसिले के तहत अभी हाल ही में 20 जनवरी 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “परीक्षा पर चर्चा” सभा का आयोजन किया जिसमें उन्होंने बच्चों संग शिक्षकों को संबोधित किया।
अब यह तो थी एग्जाम प्रेशर कुकर की एक छोटी सी रिपोर्ट ….अब बात करते हैं अपने आज के टॉपिक पर जो इन परसेंटेज के आंकड़ों से कहीं आगे हैं।

कबीरधाम जिले के कलक्टर अवनीश कुमार शरण 2009 बैच के आइएएस अधिकारी हैं। 10 मई को रायगढ़ में 18 साल के छात्र ने दोबारा फेल हो जाने पर खुदकुशी कर ली थी। ’छात्रों को प्रोत्साहित करने के मकसद से आइएएस अधिकारी ने अपनी कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं, कॉलेज के नंबर भी फेसबुक पर साझा किए। उन्हें 10वीं में 44.5, 12वीं में 65% और स्नातक में 60.7% नंबर मिले थे।
कहने का तात्पर्य सिर्फ इतना है जहां शिक्षकों से लेकर बच्चे और पैरेंट्स % के चकरव्यूह में खुद को और अपने बच्चों को एक बंदिश में बांध देते है वहीं इस दुनिया में तमाम ऐसी महान हस्तियां है जिन्होंने इस आंकड़े को छुए बिना अपना नाम दर्ज़ कराया है।

सचिन तेंदुलकर 10वीं में फेल हो गए थे। लेकिन उसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने अपने सिलेबस में उनका चैप्टर शामिल किया।
राष्ट्रपितामहात्मा गांधी दसवीं की परीक्षा में इतिहास विषय में फेल हो गए थे लेकिन वो इससे निराश न होकर आगे बढ़े।
अब्दुल कलाम एयरफोर्स की परीक्षा में फेल हो गए थे लेकिन बाद में उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया भर में नाम कमाया।
महान गणितज्ञ श्री निवासन रामानुजन बारहवीं की परीक्षा में गणित छोड़कर अन्य सभी विषयों में फेल हुए लेकिन आगे चलकर उन्होंने कई सारे सवालों के जवाब लिए फार्मूले खोजे। लिि
बल्ब के आविष्कारक थॉमस एल्वा एडिसन 1000 बार असफल होने के बाद सफल हो पाए थे।एल्बर्ट आइंस्टाइन को अपने स्कूल की शिक्षा पद्धति पसंद नहीं थी। उन्होंने 15 साल की उम्र में स्कूल छोड़ दिया था।
बिलगेट्स ने कॉलेज ड्रॉप कर अपने साथ पॉल एलन के साथ एक बिजनेस शुरू किया था। जो बुरी तरह असफल रहा था। बाद में उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट की शुरूआत की, आज स्थिति देखी जा सकती है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन दो बार बिजनेस में असफल रहे। इसके बाद उन्होंने चुनाव लड़ा। 6 बार हारने के बाद वे 7वीं बार राष्ट्रपति बन सके।

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