ज्ञान गंगा की अमोघ चुस्की

‘लॉक-डाउन’ का हर दिन कैसे बनाए आनंददायक और उपयोगी…

कोरोना वायरस जो वर्तमान में एक वैश्विक महामारी का रूप ले लिया है। यह कीटाणु चीन के वुहान शहर से शुरू हो कर आज पुरे विश्व में अपना पैर पसार चुकी है। क्या इटली,क्या अमेरिका सभी इसके आगे घुटने टेक चुके है।सभी विकसित देश इस वायरस के चपेट में आ चुके है एवम् हार मान चुके है।

इटली में तो इससे मरने वालो की संख्या सैकड़ो पार कर चुकी है और इससे हज़ारो लोग संक्रमित है। यह भारत में अपना धीरे धीरे छाप छोड़ रहा है। भारत में इससे 500 से अधिक लोग संक्रमित है और 11 लोगों का मौत हो चूका है। इससे बचने का एक ही उपाय है की लोगो से दूर रहे एवम् हाथों को धोते रहे है।इटली और अमेरिका जैसा हालात भारत में न हो इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व का सबसे बड़ा लॉक-डाउन किया है।इसने रेल सेवा,हवाई सेवा को भी पूरी तरह से स्थगित कर दिया है और लोगो को घर बाहर न निकलने की कड़ी हिदायत भी दे दी है।

यह लॉक डाउन अगले 21 दिन तक रहेगा। पीएम मोदी ने कहा है कि इसे एक तरह का कर्फ्यू ही समझें। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग गलतफहमी में हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग केवल मरीज के लिए है। जबकि ऐसा सोचना गलत है। सोशल डिस्टेंसिंग हर नागरिक, हर परिवार के लिए है। लोगों को घरों से बाहर निकलने पर पूरी पांबदी लगाई गई है। ताकि इस संक्रमण से जल्द से जल्द निपटा जा सके।

ऐसी स्थिति में आपको घर पर रहकर ही सरकार को सपोर्ट करते हुए मानवता को बचाना है। याद रहे आपकी जरा सी लापरवाही कई लोगों के लिए घातक साबित हो सकती है। कई बड़ी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम की सुविधा दी है लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जो इस लॉकडाउन के दौरान घर पर पूरी तरह बोर होने वाले हैं। ये लोग घर में बैठकर कोरोना वायरस से तो बच सकते हैं लेकिन लगातार घर में बैठे रहना आपको मानसिक तौर पर बीमार कर सकता है। ऐसे में हम आपको बताने वाले हैं 21 दिनों के लॉकडाउन को आप किस तरह उपयोगी बनाकर अपनी बोरियत दूर कर सकते हैं।

डायरी लिखें….

घर पर बोर होने से अच्छा है कि इस खाली समय का इस्तेमाल आप सकारात्मक कार्य करने में करें। खाली समय में आप डायरी लिख सकते हैं। ऐसा करने से आपका मन खुश रहेगा। जब आप कुछ लिखते हैं, तो इससे दिमाग उस विषय में बिजी हो जाता है और आपको पता भी नहीं चलता कि समय कैसे निकल गया। डायरी में आप इस संक्रमण को लेकर आपके अनुभव भी लिख सकते हैं। क्योंकि सालों बाद जब आप इसे देखेंगे तो आपको ये वक्त फिर याद आएगा कि कैसे आपने खुद को लॉक डाउन करके सरकार की और खुद की मदद की थी।

फिल्में देखें…

सिनेमा में हर परिस्थिति पर फिल्में बनाई गई हैं। लॉक डाउन की स्थिति में आप सोशल सोशल डिस्टेंस पर बनाई गई फिल्में देख सकते हैं। ये फिल्में न सिर्फ आपका मनोरंजन करेंगी बल्कि आपको इस परिस्थिति से निपटने में भी मदद करेंगी। होम अलोन, ग्रेविटी, अनदर अर्थ, हर, कास्ट अवे जैसी कुछ फिल्में आपको जरूर देखनी चाहिए। खुद कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके अभिनेता टॉम हैंक्स की फिल्म कास्ट अवे आपको जरूर देखनी चाहिए। फिल्म में दिखाया गया है कि चक नोलेंड नाम का सिस्टम एनालिस्ट का प्लेन किसी आइलैंड पर गिर जाता है जिसके बाद चक वहां से निकलने की हर संभव कोशिश करता है लेकिन वहां से बाहर नहीं आ पाता। आइलैंड पर चक एक बास्केटबॉल को अपना दोस्त बनाकर उससे बात करता है। सालों बाद जब वह उस आइलैंड से बाहर निकलता है तो दुनिया काफी बदल चुकी होती है।

किताबें पढ़ें…

लॉक डाउन में आप अपनी बोरियत दूर करने के लिए मैगजीन या अपने पसंदीदा लेखक की किताबें पढ़ सकते हैं। किताबें पढ़ने से कई तरह की जानकारियां मिलती हैं। इस वक्त किताब आपका सबसे अच्छा दोस्त साबित हो सकता है बशर्ते आप इसका सही इस्तेमाल करना सीख जाएं। प्रेरक कहानियां पढ़ें ये आपको जीवन में कुछ अच्छा करने के लिए प्रेरित करेंगी।

संगीत सुनें…

संगीत आपके तनाव को दूर करने में मदद करता है और मन को सुकून देता है। संगीत सुनने से मन में सकारात्मक विचार आते हैं। जब आप बोर हो रहे हों, तो अपना पसंदीदा संगीत सुनिए। इससे आपका दिल खुश रहेगा और नए विचार मन में आएंगे।

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