ज्ञान गंगा की अमोघ चुस्की

जीवन में सफलता के लिए दोस्त भी जरूरी होते हैं

मेरा बचपन यूक्रेन के कीव में बीता। मेरी मां ग्रहणी थीं और मेरे पिता अस्पतालों एवं स्कूलों के निर्माण का काम करते थे । मेरे माता-पिता ने शायद ही कभी फोन पर बात की हो क्योंकि उन्हें सरकार द्वारा फोन टेप किए जाने का डर था इसलिए मैं ऐसी संचार प्रणाली के बारे में सोचता था, जिस पर किसी का नियंत्रण ना हो। 16 वर्ष की उम्र में मैं राजनीतिक अस्थिरता और यहूदी विरोधी माहौल के कारण अपनी मां के साथ अमेरिका चला आया, जहां हमें सरकारी सहायता के तहत दो कमरे का एक छोटा सा अपार्टमेंट रहने के लिए मिला। मेरे पिता की यूक्रेन में ही मृत्यु हो गई। मेरा परिवार इतना गरीब था कि अमेरिका में हम कतार में खाना खाते थे । मेरी मां आया का काम करती थी और मैं ग्रॉसरी की दुकान में सफाई का काम करता था। जब मैं 18 वर्ष का हुआ तो मेरी दिलचस्पी कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में जगी और मैं कंप्यूटर से संबंधित पुरानी किताबें खरीद कर लाता था और उसे अच्छी तरह पढ़ कर फिर बेेेच देता था । फिर मैंने सैन जोस यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया,साथ ही अंसर्ट एंड यंग कंपनी में सुरक्षा का काम करने लगा। 1977 में मेरी मुलाकात याहू में काम करने वाले ब्रयान एक्टन से हुई जो बाद में गहरी दोस्ती में बदल गई याहू में मुझे एक्टन की मदद से ही नौकरी मिली। कुछ दिनों बाद एक ऐसा मौका आया जब मेरे बॉस ने मुझे कह दिया, या तो पढ़ाई कर लो या नौकरी करो। मुझे पढ़ाई छोड़नी पड़ी। अगले 9 वर्षों तक हम( मैं और एक्टन )याहू में काम करते रहे। 2007 में हमनें याहू छोड़ दी और भ्रमण पर निकल गए। वर्ष 2009 में मैंने एक आईफोन खरीदा था और जब मैंने ऐप डाउनलोड किया तो पाया कि डायरेक्ट मैसेजिंग के लिए कोई अच्छा ऐप नहीं है इसके अलावा उनमें प्राइवेसी भी नहीं मिलती थी जब मैंने एक प्राइवेट मैसेंजर एप बनाने के बारे में सोचा और उसी साल व्हाट्सएप लांच किया। व्हाट्सएप लांच होने के शुरुआती दौर में प्रोग्रामिंग और एप्लीकेशन की कई दिक्कतें थी। मैसेंजर बार-बार क्रैश हो जाता था मैं हार मान कर काम छोड़ने वाला था लेकिन एक्टन ने मुझे भरोसा दिलाया कि व्हाट्सएप जरूर कामयाब होगा। यह जल्दी ही दुनिया भर में लोकप्रिय हो गया। बाद में फेसबुक के साथ मैंने 19 अरब डालर में एक सौदा कर इसे बेच दिया। आज मैं आर्थिक रूप से समृद्ध हूं,पर गरीबी के दिनों को नहीं भूल पाया हूं इसलिए समय-समय पर दान करता रहता हूं।

नया आइडिया और दृढ़ लग्न किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए जरूरी है। सच्चे दोस्त भी जीवन की राह में मददगार होते हैं।

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