ज्ञान गंगा की अमोघ चुस्की

कहानी पुतिन की!!!

साल था 1989 का और महीना था दिसंबर का जब विश्व युद्ध खत्म हो रहा था दीवारें बर्लिन को गिरे एक महीना गुजर चुका था और कम्युनिज्म के खत्म होने के बाद ईस्ट और वेस्ट जर्मनी अलग होने वाले थे ईस्ट जर्मनी के शहरdreseden मैं रूसी खुफिया एजेंसी के लोकल हेड क्वार्टर की केजीबी में कुछ आतंकियों ने घेर लिया था इस हेड क्वार्टर में रसिया का एक नौजवान मेजर भी था उसने अपने अफसरों से मदद मांगी लेकिन उस समय वह सख्स हैरान हो गया जब उसके अफसरों ने बोला कि मॉस्को की इजाजत के बिना हम आपकी कोई भी मदद नहीं कर सकते और मॉस्को भी खामोश है पर मेजर ने हिम्मत नहीं आ रही उसने अपनी बंदूक निकाली और हवाई फायर करते हुए कहा, कि अगर तुम यहां से नहीं गए तो हम अभी यहां पर फायरिंग करने लगेंगे जिससे हुजूम डरकर पीछे हट गया इस तरीके से अफसर ने अपनी और अपने साथियों की जान बचाई तब से उस अफसर के दिमाग में यह बात चल रही थी उसको भी खामोश है लेकिन इस शख्स के मर्जी के बिना मॉस्को में एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता और इस शख्स का नाम है व्लादिमीर जी हां आज हम इस वीडियो में आपको बताएंगे कि जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य के बारे में व्लादिमीर पुतिन का जन्म 7 अक्टूबर, 1952 को सोवियत संघ के रूसी गणराज्य के लेनिनग्राद (वर्तमान सेंट पीटर्सबर्ग, रूस) में हुआ था। उनके पिता का नाम व्लादिमीर स्पिरिदोनोविच पुतिन और माता का नाम मारिया इवानोव्ना शेलोमोवा था। उनकी माँ फ़ैक्टरी मजदूर एवं पिता सोवियत नेवी में कार्य करते थे। उनके पिता 1930 के दशक में पनडुब्बी बेड़े में सेवा करते थे और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान शत्रु को घात लगाकर हमला करने वाले दस्ते में भर्ती हो गए। युद्ध के बाद उन्होंने एक कारख़ाने में फोरमैन के रूप में काम किया। व्लादीमिर अपने पिता के तीसरे पुत्र थे। उनके दो बड़े भाइयों की बाल अवस्था में ही मृत्यु हो गई थी। सन 1975 में पुतिन ने लेनिनग्राद रा*जकीय विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
व्लादिमीर व्लादिमीरोविच पुतिन रूसी राजनीतिज्ञ हैं। वे 7 मई 2012 से रूस के राष्ट्रपति हैं तथा 2018 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में 76% वोट हासिल करने के पश्चात अगले कार्यकाल के लिए भी निर्वाचित हुए हैं। इससे पहले सन् 2000 से 2008 तक रूस के राष्ट्रपति तथा 1999 से 2000 एवं 2008 से 2012 तक रूस के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान वे रूस की संयुक्त रूस पार्टी के x भी थे।
पुतिन ने 16 साल तक सोवियत संघ की गुप्तचर संस्था केजीबी में अधिकारी के रूप में सेवा की, जहाँ वे लेफ्टिनेंट कर्नल के पद तक पदोन्नत हुए। 1991 में सेवानिवृत्त होने के पश्चात उन्होंने अपने पैतृक शहर सेंट पीटर्सबर्ग से राजनीति में कदम रखा। 1996 में वह मास्को में राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन के प्रशासन में शामिल हो गए, एवं येल्तसिन के अप्रत्याशित रूप से इस्तीफा दे देने के कारण 31 दिसम्बर 1999 को रूस के कार्यवाहक राष्ट्रपति बने। तत्पश्चात, पुतिन ने वर्ष 2000 और फिर 2004 का राष्ट्रपति चुनाव जीता। रूसी संविधान के द्वारा तय किये गए कार्यकाल सीमा की वजह से वह 2008 में लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति पद के चुनाव में खड़े होने के लिए अयोग्य थे। 2008 में दिमित्री मेदवेदेव ने राष्ट्रपति चुनाव जीता और प्रधानमंत्री के रूप में पुतिन को नियुक्त किया। सितंबर 2011 में, कानून में बदलाव के परिणामस्वरूप राष्ट्रपति पद के कार्यकाल की अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल हो गयी, एवं पुतिन ने 2012 में राष्ट्रपति पद के लिए एक तीसरे कार्यकाल की तलाश में चुनाव लड़ने करने की घोषणा की, जिसके चलते कई रूसी शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। मार्च 2012 में उन्होंने यह चुनाव जीता और वर्तमान में 6 वर्ष के कार्यकाल की पूर्ति कर रहे हैं। 2018 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में 76% वोट हासिल करने के पश्चात वे अगले कार्यकाल के लिए भी निर्वाचित हुए थे। और तब से लेकर अभी तक पुतिनका कार्यकाल चल रहा है ।

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