ज्ञान गंगा की अमोघ चुस्की

Padmavat फिल्म का वह शख्स जिसने भारत के सबसे नायाब चीज को लूट लिया था

Padmavat फिल्म का वह शख्स जिसने भारत के सबसे नायाब चीज को लूट लिया था:

(Padmavat film ka woh shakhs jisne Bharat ke sabse nayab cheez ko loot liya tha)

Story-of-that-person-who-stole-Kohinoor-In-Hindi

Story of that person who stole Kohinoor In Hindi

भारत का वह नायाब ताज:

Bharat ka wah Naayab Taaj:

“मेरे सर की फटी टोपियों पर तंज मत कर मेरे ताज अजायब घरों में रखे जाते हैं”
उपरोक्त शेर को पढ़कर बड़े गर्व की अनुभूति होती है,
और होनी भी चाहिए, बात जब अपने आन बान और सम्मान की हो, तो सीना खुद-ब-खुद चौड़ा हो जाता है।
लिखने वाले ने भी क्या खूब लिखा है, लेकिन क्या आपको पता है कि किसके बारे में लिखा है? और किसने लिखा है?
लिखने वाले हैं भारत के अजीम शायर जनाब बशीर बद्र Bashir Badr जी।

ताज शब्द सुनकर कहीं ताजमहल की याद तो नहीं आ गई, अगर आ ही गई हो तो रास्ता बदल दीजिए आप गलत रास्ते पर हैं, खैर इससे पहले कि हम आपको बताएं कि यह शेर किसके बारे में है।

पद्मावत फिल्म का वह शख्स जिसने अपनी बेहतरीन अदाएगी से सबका दिल जीत लिया:

Padmavat film ka woh Shaksh jisne apni behtarin adaayagi se sabka dil jeet liya:

एक बात बताएंगे? पद्मावत देखी क्या अापने? रणवीर सिंह, दीपिका, शाहिद सब ने पूरी शिद्दत से अपने अपने रोल निभाए हैं। पूरी फिल्म में से एक पात्र ऐसा था जिसने अपनी अदायगी से सभी दर्शकों का दिल जीत लिया था, छरहरा बदन लंबी कद काठी का वह शख्स, जो अलाउद्दीन खिलजी (Alauddin Khilji) का बहुत ही खास था,

मलिक काफूर का परिचय: Who was Malik Kafur ?

Malik Kafur Ka Parichay:

Jim-Sarbh-as-Malik-Kafur

अब तो आप समझ ही गए होंगे कि बात किसकी हो रही है।
जी हां मलिक काफूर (Malik Kaafur) जी हां वही मलिक काफूर जो आए तो थे गुलाम बनके, पर नमक की तरह खिलजियो के साथ ऐसे घुल गए मानो कि बहुत पुराना याराना हो, मलिक काफूर Malik kaafur का उदय कैसे हुआ है यह भी एक जानने वाली बात है तो चलिए हम बताते हैं आपको।
नुसरत खान जो कि अलाउद्दीन खिलजी (Alauddin Khilji) के जनरल थे, उन्होंने जब गुजरात पर आक्रमण किया था, तब उन्होंने मलिक काफूर (Malik Kafur) को गुलाम बनाकर खिलजी के सामने पेश किया।
गुलाम से सैन्य कमांडर बनने का सफर इतना आसान भी नहीं था, इसके पीछे थी उनकी कुशल रणनीति, उचित फैसले और सबसे बड़ी चीज अलाउद्दीन खिलजी Allauddin Khilji का विश्वास,
इतिहास में अलाउद्दीन खिलजी (Alauddin Khilji) और मलिक काफूर (Malik Kafur) के कुछ खास रिश्तो का वर्णन भी किया गया है,पद्मावत Padmaavat फिल्म का एक दृश्य जब मलिक काफूर (Malik Kafur) अलाउद्दीन खिलजी (Alauddin Khilji) का संदेश लेकर राजा रतन सिंह के दरबार में आता है, तो सेनापति ने राजा रतन सिंह को  यह बताया कि ये मलिक काफूर (Malik Kafur) है, यूं समझ लीजिए कि यह अलाउद्दीन खिलजी (Alauddin Khilji) की दूसरी पत्नी से कम नहीं है,उपरोक्त दृष्टांत ही अपने आप में बहुत कुछ कह रहा है।
मलिक काफूर Malik Kaafur को अलाउद्दीन खिलजी (Alauddin Khilji) द्वारा एक और उपाधि दी गई थी- हजार दिनारी Hazaar Dinar हजार दिनार की औकात रखने वाला हजार दिनारी Hazaar Dinaari।
ये मलिक काफूर (Malik Kafur) ही थे जिन्होंने मंगोलों Mongols पर आक्रमण के दौरान सैनिक कमांडर की भूमिका निभाई और मंगोलों पर जीत का परचम लहराया।

गुलाम से सेनापति बनने तक का सफर: From a Slave to a Dreaded General

Gulaam se senapati banane tak ka safar:

मलिक काफूर (Malik Kafur) एक गुलाम थे, और गुलामों की सबसे अच्छी क्वालिटी यह होनी चाहिए कि वह वारियर हो, शूरवीर हो, और दूसरा यह कि वह अपने काम के प्रति वफादार हो, मलिक काफूर (Malik Kafur) में यह दोनों क्वालिटी कूट कूट के भरी थी। मलिक काफूर (Malik Kafur) की आम से खास होने की एक सबसे बड़ी वजह यह भी थी कि उन्होने सैन्य कमांडर के तौर पर दक्षिणी हिस्सों में बहुत सी जंग लड़ी और उसमें फतेह भी हासिल की।
हां एक और बात जिसका जिक्र अगर हम ना करें तो यह लेख अधूरा रह जाएगा

मलिक काफूर ने कैसे लूटा भारत का ताजकोहिनूर: How Malik Kafur looted the unique Kohinoor!

Kohinoor-On-British-Crown

Malik Kafur ne kaise luta Bharat ka Taaj-Kohinoor:

सन 1309 में मलिक काफूर (Malik Kafur) को अलाउद्दीन खिलजी Allauddin Khilji ने Warangal जो कि Kakatiya साम्राज्य की राजधानी थी, उस पर चढ़ाई करने का आदेश दिया, सुल्तान का हुक्म पाते ही मलिक काफूर सेना समेत Warangal पर चढ़ाई की और 1 महीने के अंदर वहां के शासक Prataparudra को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया। इस युद्ध से मलिक काफूर (Malik Kafur) को धन दौलत हीरे-जवाहरात और बहुत कुछ प्राप्त हुए, लेकिन इन सब में सबसे खास एक ऐसी चीज भी मिली जो सबसे  नायाब थी। सोचिए, क्या थी वह चीज जो इतनी नायाब हो सकती है? इससे पहले हम आपको बताएं थोड़ा चिंतन भी कर लीजिए। शायद तब तक उत्तर मिल जाए आपको।
याद है, शुरुआत के लेख में हमने एक शेर का जिक्र किया था, और उसका जवाब भी शायद बाकी ही है।

बशीर बद्र के शेर में कोहिनूर का जिक्र:

Bashir Badr ke sher me Kohinoor Ka Jikr:

“मेरे सर की फटी टोपियों पर तंज मत कर मेरे ताज अजायब घरों में रखे जाते हैं”
यही शेर था ना ? बशीर बद्र Bashir Badr के द्वारा लिखे गए शेर का ताल्लुक कहीं ना कहीं मलिक काफूर (Malik Kafur) से, मिलता-जुलता है।
अब बता ही देते हैं कैसे?
मलिक काफूर (Malik Kafur) को Warangal में लूट के दौरान जो सबसे नायाब चीज़ मिली थी, वह हमारे
देश का ताज ही है,जिसे बशीर बद्र Bashir Badr ने अपने शेर में बड़े गर्व के साथ उसका जिक्र किया है
जानते हैं भारत का ताज है क्या? जिसे मलिक काफूर (Malik Kafur) ने सबसे पहले Warangal से लूटा था।
भारत का यह ताज कोई और चीज नहीं बल्कि- नायाब कोहिनूर Kohinoor है। कोहिनूर Kohinoor हीरा भारत की आन बान और शान माना जाता है, वह ब्रिटेन Britain के अजायबघर यानी(Museam)  मैं आज भी मौजूद है।

 

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