Unsung Heroes Of Indian Army

2 posts

“जब देश में थी दीवाली वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में वो झेल रहे थे गोली”

कवि प्रदीप की उपरोक्त पंक्तियां भारत के उन तमाम वीर सैनिकों के लिए हैं, जिनकी बदौलत पूरा भारत आज सुकून से, सुरक्षित हंसी-खुशी जी रहा है,
भारत माता ने ऐसे अनगिनत वीर सपूतों को जन्म दिया है जिन्होंने देश को सर्वोपरि मानते हुए अपना तन मन धन भारत को अर्पण कर दिया।