Videshi Chuski

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Videshi Chuski. एक जमाना था जब लोग कबूतर को उड़ा कर अगल-बगल का हाल जाना करते थे, कबूतर उनका सबसे प्यारा साथी हुआ करता था, कबूतर जब तक था तब तक देशी पोस्टमैन का काम करता था। अब तो विदेशी कबूतर का जमाना है भाई, टेलीफोन, इंटरनेट मोबाइल लैपटॉप वगैरह- वगैरह सब विदेशी कबूतर ही तो, जो बस देश ही नहीं बल्कि विदेशों के चप्पे-चप्पे तक अपना झंडा गाड़ चुके है। चूकिं देश का ज्ञान तो ले ली है भाई अब थोड़ा विदेशों की ओर चलते हैं, और नई चुस्की का आनंद लेते हैं, जी हां विदेशी चुस्की, ज्ञान से सराबोर, एकदम खाटी।