ज्ञान गंगा की अमोघ चुस्की

कहानी महाराजा रणजीत सिंह की उस पोती की जिसने भारत को एक अनोखा चित्रकार दिया

कहानी महाराजा रणजीत सिंह की उस पोती की जिसने भारत को एक अनोखा चित्रकार दिया

हर सांस कह रही है
हमें फक्र है  तुम्ही पे
अविरल तरंगो वाला
वह राग है यहीं पे
ऊंची शिलाओं पे जब
लिखी तूने इबादत
शत शत नमन करूं हे
मातृभूमि भारत

Princess Bamba-Sutherland
Bamba Sutherland नाम सुनके किसी गोरी मेम जैसा आभास होता होगा,
लेकिन जिनकी रगों में बहने वाला खून का एक- एक कतरा सिख साम्राज्य,

जो कि पंजाब से लेकर लाहौर तक  शेरे पंजाब के वर्चस्व की अनुभूति कराता था।
Bamba sutherland उसी महाराजा रणजीत सिंह  के अंतिम वारिस महाराजा दलीप सिंह की पुत्री थी।
Bamba Sutherland का जन्म 29 सितंबर 1869
को लंदन में हुआ  और बचपन भी वही बीता।
बचपन में अपने दादाजी की वीर गाथाओं को सुनकर उनका मन भी अपने वंशजों की भूमि पर जाने को आतुर सा हो गया था।
जब ब़डी हुई तो निश्चय किया कि भारत जरूर जाऊंगी।
इसके लिए उन्होंने नजदीकी अखबार में इश्तेहार दिया
किउन्हें एक ऐसी युवती की जरूरत है जिसे संगीत में भी रुचि हो और वह उनके साथ भारत जाने के लिए राजी हो
Marie Antoinette जो कि Hungarian  मूल की युवती थी उन्होंने उस इस्तेहार में रुचि दिखाई और Bamba के साथ  भारत आने को राजी  हो गई
इसके बाद दोनों लोग लाहौर गई, लाहौर उन दिनों भारत का हिस्सा हुआ करता था,
लाहौर वही जगह है जहां कभी उनके दादाजी की विरासत हुआ करती थी|
लाहौर में कुछ दिन बिताने के बाद Marie और Bamba  शिमला चले गए
शिमला में उनकी मुलाकात उमराव सिंह मजीठिया से हुई, दोस्ती बढी और कहानी ने एक नया मोड़ ले लिया
Bamba  और उमराव सिंह की दोस्ती तो अच्छी थी ही
पर Marie का दिल उमराव सिंह के लिए धड़कने सा लगा था,

जल्द ही दोनों एक दूसरे के बहुत करीब हो गए और शादी कर ली, जिसके बाद Marie  और उमराव सिंह मजीठिया Hungry चले गए,
और Marie  ने वहां एक बेटी को जन्म दिया जो आगे चलकर भारत की महान  चित्रकारों में अपना नाम दर्ज करवाया
नाम पडा अमृता शेरगिल

Maharajah_Duleep_Singh
वो Bamba Sutherland  ही थीं जिनकी वजह से उमराव सिंह मजीठिया और Marie Antoinette  करीब पाए। और Marie ने एक महान चित्रकाराअमृता शेरगिल को जन्म दिया
इधर Bamba Sutherland,  Marie के जाने के बाद
लाहौर में बस गई और वहां एक घर खरीद लिया और उस घर को गुलजार” नाम दिया।
लाहौर में Bamba की मुलाकात Doctor David से हुई जो कि King Edward Medical Collage Lahore  के प्रिंसिपल 
थेे।

Bamba Sutherland  David  से विवाह कर लाहौर में ही अपने  छोटे से आशियाने  में  गुलजार हो गई।
इधर अमृता का बचपन Hungry  मे बीता।
बचपन से ही उन्हें चित्रकारी का शौक था,
साल था 1921 जब अमृता का परिवार शिमला गया जहां उनकी पेंटिंग्स को नई पहचान मिली, और उनका कारवां यूं ही बढ़ता चला गया।
उनकी चित्रकारी में पंख तब लग गए जब सन 1924 में वे इटली चली गई और पेंटिंग को  धेय्य  मान कर  उसकी साधना में जुट गई।

जिंदगी में रंगों को ही अपनी साथी मान अमृता अपने पैतृक गांव सरया जो कि गोरखपुर जिले में है वहा चली गई।
25 वर्ष की आयु में  उन्होंने Doctor Victor Egan  से शादी कर ली और उनके साथ गोरखपुर में ही रहने लगी।

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गोरखपुर में ही रहकर उन्होंने “Village Scene” नामक पेंटिंग बनाई, जो किसी भारतीय महिला द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स में से सबसे महंगी थी।
साल 2016 में या पेंटिंग 6.9 करोड़ रुपए में सबसे ऊंची बोली लगाकर खरीदी गई।
उन्होंने अपने एक दोस्त को पत्र  लिख कर यह बात कही थी किमैं बस भारत में ही रहकर चित्र बनाऊंगी क्योंकि यूरोप भले ही Pablo Picaso का हो पर भारत मेरी कर्मभूमि है
कहा जाता है कि उनकी चित्रों के साथ उनकी सुंदरता भी अद्वितीय थी।
नेहरू जी भी  उनकी चित्रकारी से इतना प्रभावित हुए कि जब 1940 में  गोरखपुर आए तो वह अमृता शेरगिल से मिलने उनके पैतृक गांव सरया गए थे।
जाने कितने भारतीय चित्रकारों में चित्रकारी का अलख जगाने वाली  वह महान चित्रकारा अमृता शेरगिल  को याद करते हुए सन 1993 में एक उर्दू नाटक बना जिसका नाम पड़ा तुम्हारी अमृता
जिसमें उनका किरदार मशहूर अदाकारा शबाना आजमी जी ने निभाया था।

यूनेस्को ने साल 2013 में उनकी जन्म शताब्दी को अमृता शेरगिल जन्म शताब्दी वर्ष घोषित किया।
अमृता शेरगिल को भारत की Frida kahlo” भी कहा जाता है
हिंदी फिल्मों के जाने माने अभिनेता जिम्मी शेरगिल  भी अमृता शेरगिल के खानदान से आते हैं।

अमृता शेरगिल ने अपनी चित्रकारी से संपूर्ण विश्व में  जो भारत का परचम लहराया हैवाकई में वे भारत की एक अनमोल धरोहर है।

 

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