ज्ञान गंगा की अमोघ चुस्की

Unique Story of the Indian freedom fighter who gave Japan a unique recipe

कहानी उस भारतीय स्वतंत्रता सेनानी की जिसने जापान को एक अनोखी रेसिपी दी:

Unique story of the Indian freedom fighter who gave Japan a unique recipe

खासियत जापान की(Khasiyat Japan ki):

जब भी हम जापान की बात करते हैं कुछ चीजें अपने आप ही मन में आ जाती हैं Hiroshima, Sayonara, Samurai, और Sumo Wrestlers.
इन सभी चीजों से हटकर एक अनोखा भारतीय व्यंजन- Indian Curry जो पूरे जापान में अपने अनूठे स्वाद के लिए जाना जाता है।

Nakamura-Curry

इंडियन करी और रास बिहारी बोस(Indian Curry aur Rash Behari Bose):

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब जापान गए थे तो उन्हें यह व्यंजन परोसा गया,
प्रधानमंत्री को भी यह Indian curry बहुत पसंद आई
इस भारतीय व्यंजन के पीछे भी एक बहुत ही दिलचस्प किस्सा है
इस Indian Curry को जापान के लोगों तक पहुंचाने का श्रेय एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी को जाता है।
उस स्वतंत्रता सेनानी का नाम था रासबिहारी बोस (Rash Behari Bose)
जो कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose)के भाई थे।

बात उन दिनों की है जब रासबिहारी बोस ( Rash Behari Bose) देहरादून के वन अनुसंधान केंद्र  के रसायन विज्ञान विभाग में क्लर्क हुआ करते थे। रासबिहारी बोस( Rash Behari Bose) की क्रांतिकारी गतिविधियों में बहुत ही रुचि थी। देहरादून में रहते रहते उन्होंने बम बनाने की विधि सीख ली। दिल्ली में जार्ज पंचम के 12 दिसंबर 1911 को होने वाले दिल्ली दरबार के बाद जब वायसराय लॉर्ड हार्डिंग (Lord Hardinge) की दिल्ली में सवारी निकाली जा रही थी तो उसकी शोभायात्रा पर वायसराय लार्ड हार्डिंग पर बम फेंकने की योजना बनाने में रासबिहारी की प्रमुख भूमिका रही थी।

Rash Behari Bose with his wife Toshiko

यह बात पुलिस को पता हो गई और वह उनके पीछे भूखे शेर की तरह लग गए,
चूकिं उनको शक हो गया था कि पुलिस उनका पीछा कर रही इसलिए उन्होंने japan जाने की योजना बनाई
जून 1915 को वे जापान चले गए लेकिन जल्द ही ब्रिटिश अधिकारियों ने उन्हें पहचान लिया, जिसके चलते जापानी सरकार ने उन्हें जल्द से जल्द देश छोड़ने का आदेश दे दिया जापानी सरकार से बचते बचाते हुए वे ऎसी जगह चले गए जहां वे अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे थे वह एक Bakery थी जिसका नाम Nakamuraya था,
रासबिहारी बोस (Rash Behari Bose)के लिए वह जगह बहुत ही सुरक्षित
थी। वहां रहते रहते एक दिन रास बिहारी बोस ने  Bakery के मालिक के लिए curry बनाई जो मालिक को इतना पसंद आया कि जब उन्होंने उसी जगह पर एक रेस्टोरेंट खोला, तो ग्राहकों को भी वही curry परोसने लगे और उसे नाम दिया Indian Curry..
धीरे धीरे ये Indian curry इतनी प्रसिद्ध हो गई पूरा Tokyo शहर इस Indian curry का दीवाना हो गया।
Nakamuraya Restaurant के Indian Curry की चर्चा दूर दूर तक फैल गई।

Nakamuraya-India-Curry

लोग दूर-दूर से खास इसी व्यंजन को खाने के लिए Nakamuraya restaurant आने लगे
वह रासबिहारी बोस ही थे जिन्होंने इस व्यंजन को पूरे जापान में मशहूर कर दिया

रासबिहारी बोस और उनकी पत्नी तोशिको (Rash Behari Bose aur unki Patni Toshiko): इसी Nakamuraya Restaurant की छांव में रहकर रासबिहारी बोस (Rash Behari Bose)ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को अंतर्राष्ट्रीय पटल तक पहुंचाया।
इन दुर्गम दिनों में रासबिहारी बोस(Rash Behari Bose को Toshiko का साथ मिला. जो रास बिहारी बोस के साथ हाथ में हाथ मिला कर चली।

Rash-Behari-Bose-with-Family-of-Nakamuraya
Toshiko उसी Nakamuraya Bakery के मालिक की बेटी थी।
Toshiko का रासबिहारी बोस( Rash Behari Bose) के प्रति अगाध प्रेम किसी से छुपा नहीं था। वहां रहते-रहते रासबिहारी बोस( Radh Behari Bose) का दिल भी Tosiko के लिए धड़कने सा लगा था और दोनों ने अंत में विवाह कर लिया।
साल था सन 1919 जब बीमारी की वजह Tosiko मात्र 26 वर्ष की अवस्था में मृत्यु हो गई।
इधर रासबिहारी बोस( Rash Behari Bose) भारत की स्वतंत्रता में सतत प्रयत्नशील रहे और सन 1945 में इस संसार से विदा ले लिया।
Indian Curry जो रासबिहारी बोस (Rash Behari Bose)के द्वारा जापान को दी गई एक अनोखी सौगात थी वो आज भी उसी Nakamuraya Restaurant में बड़े गर्व के साथ परोसी जाती है।
जापान के लोग आज भी इस स्वादिष्ट व्यंजन की तारीफ करते हुए कहते हैं-
“The Nakamuraya’s Indian Curry with the Taste of Romance & Revolution

 

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